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Amit Shah On Rahul Gandhi : राहुल गांधी खुद नक्सली समर्थकों के साथ दिखे, अमित शाह बोले- कांग्रेस के काल में फैली नक्सलवादी विचारधारा

Amit Shah On Rahul Gandhi : लोकसभा में सोमवार को देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने पर चर्चा हुई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर भाषण देते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। अमित शाह ने सदन के नेता प्रतिपक्ष को नक्सलवाद का समर्थक बताया। उन्होंने कहा कांग्रेस सरकार में नक्सलवाद की जड़े फैली। राहुल गांधी को कई बार नक्सली समर्थकों के साथ देखा गया है। अमित शाह ने ये भी कहा कि कई कांग्रेसी तो नक्सलवादी बन भी गए। अमित शाह ने कहा कि अब देश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है।

अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी को नक्सलियों के साथ देखा गया

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी कई बार नक्सल समर्थकों के साथ दिखे हैं और उनके साथ मंच भी साझा किया है। अमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारें नक्सलियों को बचाने में लगी थीं। अमित शाह ने कहा कि मनमोहन सरकार के दौरान कांग्रेस ने नक्सलियों को समर्थन दिया। कांग्रेस की सरकार में ही नक्सली विचारधारा फैली।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि “राहुल गांधी कई बार नक्सली समर्थकों के साथ दिखे है। नक्सली समर्थकों के साथ राहुल गांधी ने मंच साझा किया। उन्होंने नक्सलवाद का समर्थन किया।नक्सली हिडमा को मारे जाने के खिलाफ हुए प्रदर्शन का वीडियो राहुल गांधी ने शेयर किया। मनमोहन सरकार में कांग्रेस नक्सलियों को बचाने में जुटी थी।”

1970 से हुई थी नक्सलवाद की शुरुआत

गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि 1970 के दशक में नक्सलवाद की शुरुआत हुई, जो कांग्रेस के शासनकाल में और बढ़ता गया। 1980 के दशक में पीपल्स वॉर ग्रुप के ज़रिए यह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा तक फैली। 1990 के दशक में वामपंथी गुटों का आपस में विलय शुरू हुआ। 2004 में सीपीआई (माओवादी) का गठन हुआ और इसके बाद नक्सल हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया। इस पूरे कालखंड में अधिकांश समय कांग्रेस पार्टी का शासन रहा। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा विदेशी विचारधारा से प्रभावित है, जो भारत के महापुरुषों की जगह माओ जैसे विदेशी नेताओं को आदर्श मानती है।

हथियार उठाने वाले को गोली से जवाब मिलेगा- अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने बहुत अत्याचार किए और कई जवान शहीद हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी हथियार उठाएगा, उसे जवाब भी गोली से ही मिलेगा। सरकार इन खतरनाक गतिविधियों से लड़ेगी और इन पर कड़ी कार्रवाई करेगी। गृह मंत्री ने कहा कि अब देश में नक्सलवाद का कोई बड़ा नेटवर्क नहीं बचा है। कई नेता और सदस्य सरेंडर कर चुके हैं। सरकार ने इसे खत्म करने का काम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि हम नक्सलमुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल कर चुके हैं।

मोदी सरकार के आने के बाद नक्सलमुक्त हुआ देश

अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद से मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के ठिकाने तोड़ दिए हैं और उनके मुख्य संगठन का अंत कर दिया है। अब बस्तर जैसे इलाकों में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो हथियार उठाएगा, उसे जवाब भी गोली से ही मिलेगा। सरकार किसी भी धमकी या हिंसा से डरेगी नहीं। अमित शाह ने कहा कि सरकार ने गरीबों के विकास के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे वामपंथी उग्रवाद खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के किले तोड़ दिए हैं और मुख्य कमेटी समाप्त कर दी गई है। अब नक्सलवाद का कोई बड़ा ढांचा नहीं बचा है।

नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है – अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लंबे समय से नक्सली इलाका विकास से वंचित था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है, जो भी हथियार उठाएगा, उसे हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का मुख्य कारण गरीबी नहीं बल्कि वामपंथी विचारधारा है। अमित शाह ने कहा कि 12 साल की मोदी सरकार में देश के हर हिस्से को नक्सलवाद से मुक्त करने का प्रयास हुआ है। अब 31 मार्च तक नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होने का लक्ष्य था, जिसे पूरा कर लिया गया है।

अमित शाह ने कहा कि “मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की स्टेट कमेटियों के सदस्य सरेंडर कर चुके हैं। ओडिशा में जो चार बचे थे, उनमें से एक ने सरेंडर किया और तीन मारे गए। तेलंगाना में छह ने सरेंडर किया, तीन मारे गए – अब वहाँ एक भी नहीं बचा है। इस प्रकार उनकी पॉलिट ब्यूरो और सेंट्रल स्ट्रक्चर लगभग समाप्त हो चुका है। हमारा लक्ष्य 31 मार्च तक नक्सल-मुक्त भारत का था। पूरी प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने के बाद देश को सूचित किया जाएगा, मगर मैं ऐसा बोल सकता हूं कि हम नक्सल मुक्त हो गए हैं।“

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