US President Donald Trump द्वारा घोषित किए जाने वाले टैरिफ के प्रभाव का भारत मूल्यांकन कर रहा है. कमर्शियल मिनिस्ट्री एवं इंडस्ट्रियल मंत्रालय के द्वारा टैरिफ अंतर के आधार पर तैयारियां शुरू हो रही है. इसके लिए भारत ने कई तरह के प्लान तैयार कर लिए हैं. जिसमें Tariff लगने के बाद आने वाली समस्याओं और विभिन्न गैर टैरिफ बाधाओं पर भी चर्चा हो रही है.
ट्रंप की 2 अप्रैल 2025 यानी आज होने वाली घोषणा कई देशों में टेंसन भी बना हुआ है. यह Tariff कई देशों, जिसमें भारत भी शामिल है, पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होगा. यानी जो देश अमेरिकी उत्पादों पर जितना टैरिफ लगाते हैं अमेरिका भी उन देशों से आने वाले सामानों पर उतना ही टैरिफ लगाएगा. अगर भारत अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ लगाता है, तो अमेरिका भी भारतीय उत्पादों पर समान टैरिफ लगाएगा.
Reciprocal Tariff Impact
इस टैरिफ के प्रभाव का भारत ने मूल्यांकन किया जिसके बाद कई तरह के प्लान भी बनाए. जैसे इन बातों पर विशेष ध्यान देना होगा कि, अमेरिका ज्यादा टैरिफ लगते हैं तो उसका भारत पर कैसे असर होगा और भारत के कार्यवाही क्या होगी या अमेरिका भारत को राहत देगा तो उस समय भारत का अगला कदम क्या होगा. Consultancy Company PWC ने बताया कि Washington द्वारा 5 कारकों के आधार पर इस टैरिफ का आकलन किया जा सकता है. इनमें American goods पर मौजूदा Tariff Rate, गैर टैरिफ बाधाएं और नियामक का बोझ, Internal Tax, विदेशी मुद्रा नीति और अमेरिका से जुड़ी अन्य व्यापार प्रथाएं शामिल हो सकते है. जी हां इसके बाद अब कई देश टैरिफ में कटौती करेंगे.
क्यों बढाए गए Tariff Rate
इस पर ट्रंप का कहना है कि भारत के साथ ही कई देश और भी अपने टैरिफ में कटौती करेंगे. उनका कहना है कि कई वर्षों से अमेरिका पर कई देशों के द्वारा अनुचित तरीके से टैरिफ की वसूली की जा रही है. ऐसे में यूरोप के देशों द्वारा पहले ही करों पर 2.5 फीसदी तक टैरिफ कम किया जा चुका है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका कई देशों से बहुत कम टैरिफ वसूलता है लेकिन दूसरे देश उनसे ज्यादा टैरिफ ले रहे हैं इस वजह से रेट बढाए गए हैं. पहले ही हो जाना चाहिए था अमेरिका के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कि उन्हें ऐसा पता चला है कि भारत अभी कुछ समय पहले अपने टैरिफ में बड़ी कमी करने जा रहा है. तो इस पर उन्होंने सवाल किया कि किसी ने बहुत पहले ऐसा क्यों नहीं किया. जब अमेरिका रिसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहा है तो बहुत से देश अपने शुल्क में कमी करने जा रहे हैं.
ट्रंप ने भारत पर अमेरिकी ऑटोमोबाइल जैसे उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाने का आरोप लगाकर इसे “अनुचित व्यापार नीति” करार दिया है. इसके जवाब में भारत सरकार संभावित प्रभावों से निपटने के लिए रणनीतियां तैयार कर रहा है.