Ambernath Municipal Council BJP Congress Alliance: महाराष्ट्र की राजनीति में एक अनोखा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद (Ambernath Municipal Council) में BJP और कांग्रेस ने गठबंधन कर लिया, जिससे राज्य स्तर पर सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना (Eknath Shinde-led Shiv Sena) को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यह गठबंधन “अंबरनाथ विकास अघाड़ी” (Ambernath Vikas Aghadi) के नाम से बना, जिसमें अजित पवार गुट की NCP भी शामिल है।
चुनाव परिणाम और सीटें
दिसंबर 2025 में हुए चुनाव में 60 सदस्यीय परिषद में:
- शिंदे गुट की शिवसेना: 27 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से सिर्फ 4 सीटें कम)
- BJP: 14 सीटें
- कांग्रेस: 12 सीटें
- अजित पवार गुट की NCP: 4 सीटें
- निर्दलीय और अन्य: कुछ सीटें
शिवसेना को बहुमत के लिए BJP का साथ चाहिए था, लेकिन BJP ने कांग्रेस और NCP से हाथ मिलाकर 32 पार्षदों का समर्थन जुटा लिया और बहुमत हासिल कर लिया।
कौन बना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष?
- नगराध्यक्ष: BJP की तेजश्री करंजुले पाटिल (Tejashree Karanjule Patil) ने शिवसेना की उम्मीदवार मनीषा वालेकर को हराया।
- उपाध्यक्ष: BJP के गुलाबराव करंजुले पाटिल।
शिवसेना शिंदे गुट के विधायक बालाजी किनिकर ने इसे “अनहोली अलायंस” (अशुद्ध गठबंधन) बताया। कहा, “BJP कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती है, लेकिन सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिला रही है। यह शिवसेना के साथ धोखा है।”
बीजेपी पार्षद अभिजीत करंजुले पाटिल ने कहा कि शिवसेना के 25 साल के शासन में भ्रष्टाचार और धमकी की संस्कृति थी। महायुति गठबंधन की कोशिश की, लेकिन शिंदे गुट से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। यह गठबंधन सिर्फ अंबरनाथ के विकास के लिए है।
यह घटना महाराष्ट्र में आगामी BMC और अन्य नगर निगम चुनावों से पहले महायुति (BJP-शिवसेना-NCP) गठबंधन में दरार की इशारा कर रही है। स्थानीय स्तर पर सत्ता की राजनीति में वैचारिक मतभेद भुलाकर “दुश्मन का दुश्मन दोस्त” वाला फॉर्मूला अपनाया गया। अंबरनाथ डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है, इसलिए यह झटका और बड़ा है।
