सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भरहटा गांव में उपद्रवियों द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को एक बार फिर क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया, जिसकी जानकारी बुधवार सुबह होते ही पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश उमड़ पड़ा। घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल नागौद-उचेहरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे इस प्रमुख मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
पहले भी हो चुकी है घटना, सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस प्रतिमा को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले इसी साल 10 अप्रैल को भी अज्ञात उपद्रवियों ने इसी प्रतिमा पर कालिख पोतकर इसे नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस किया था। बार-बार इस प्रकार की घटनाओं के दोहराए जाने से ग्रामीणों और दलित समाज में गहरा रोष व्याप्त है। लोग अब आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने और भविष्य के लिए इस प्रतिमा की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
यातायात डायवर्ट और भारी पुलिस बल तैनात
चक्काजाम के कारण नागौद-उचेहरा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और यातायात को करीब 7 किलोमीटर पहले ही पोड़ी तिराहे से डायवर्ट कर दिया। अब वाहनों को पतौरा, लोहरौरा और रामपथ गमन मार्ग के रास्ते निकाला जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचा। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों से लंबी चर्चा की और उन्हें निष्पक्ष जांच तथा जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन देकर शांत कराने का प्रयास किया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए इलाके में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सुराग जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उपद्रवियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

