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रीवा के SGMH में इलाज के दौरान हंगामा, मरीज के परिजनों ने ब्लड बैंक पर लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप!

Allegations of caste-based discrimination at the blood bank of SGMH RewaAllegations of caste-based discrimination at the blood bank of SGMH Rewa

Allegations of caste-based discrimination at the blood bank of SGMH Rewa

रीवा: शहर के प्रतिष्ठित संजय गांधी चिकित्सालय में उस समय गंभीर विवाद खड़ा हो गया, जब सीधी जिले से इलाज के लिए भर्ती एक मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ब्लड बैंक पर जातिगत भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया। मिली जानकारी के अनुसार, हर्निया से पीड़ित मरीज को ऑपरेशन के दौरान खून की आवश्यकता पड़ी थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों को किसी परिचित से ब्लड डोनेट करवाने की सलाह दी थी। इस पर परिजन रीवा से एक परिचित को खून देने के लिए लेकर पहुंचे थे।

ब्लड बैंक प्रभारी ने आरोपों को नकारा

विवाद तब बढ़ा जब ब्लड बैंक ने परिजनों द्वारा लाए गए डोनर का खून लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वहीं, पूरे मामले पर सफाई देते हुए ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लोकेश त्रिपाठी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

डॉ. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि परिजन जिस व्यक्ति को डोनर के रूप में लेकर आए थे, वह मेडिकल जांच में ‘हाई-रिस्क’ कैटेगरी में पाया गया था। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत ऐसे डोनर का खून लेना संभव नहीं होता है, इसलिए परिजनों से किसी अन्य स्वस्थ सदस्य या परिचित से रक्तदान करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस घटना को जातिगत रंग देना पूरी तरह गलत है, क्योंकि ब्लड बैंक में इस तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता है और मरीजों की जान बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है।

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