रीवा। रीवा के सबसे बड़े संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) से एक बेहद हैरान करने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आईसीयू (ICU) में भर्ती मरीजों को एक्सपायरी डेट की दवाइयां और इंजेक्शन दिए जाने का आरोप लगा है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्रोस्टेट कैंसर पीड़ित को दी गई एक्सपायर दवा, परिजनों ने जुटाए सबूत
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब विवेक त्रिपाठी नामक युवक ने अस्पताल प्रबंधन से लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, आईसीयू में भर्ती उनके पिता, जो प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें 18 जून को ऐसी दवाइयां और इंजेक्शन लगाए गए जिनकी मियाद पहले ही खत्म हो चुकी थी। लापरवाही भांपते ही परिजनों ने सतर्कता दिखाते हुए साक्ष्य के तौर पर उन दवाइयों के पैकेट्स और एक्सपायरी डेट की तस्वीरें खींच लीं और उन्हें शिकायत के साथ अटैच कर दिया।
स्टोर स्तर की लापरवाही, जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई: अधीक्षक
इस बड़ी लापरवाही पर संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अधीक्षक डॉ. मिश्रा का कहना है कि प्राथमिक तौर पर यह गंभीर चूक दवा स्टोर स्तर पर हुई मानवीय त्रुटि या लापरवाही का परिणाम नजर आ रही है।
“एक्सपायर हो चुकी दवा से मरीज को सीधे तौर पर कोई जान का खतरा नहीं होता है, बल्कि दवा की प्रभावशीलता (असर) कम हो जाती है। इसके बावजूद, मरीजों को पूरी तरह सुरक्षित और सही दवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। जांच रिपोर्ट आते ही इस घोर लापरवाही के दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।” — डॉ. राहुल मिश्रा, अधीक्षक (संजय गांधी अस्पताल)
इस घटना के बाद अब अस्पताल के सेंट्रल मेडिसिन स्टोर और वार्डों में मौजूद दवाओं के स्टॉक पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसकी गहन पड़ताल की जा रही है।

