Vinod Khanna Akshaye Khanna: क्यों रहते हैं अक्षय खन्ना अकेले और शांत? क्या पिता की स्पिरिचुअलिटी से है इसका कोई कनेक्शन

अभिनेता अक्षय खन्ना एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शांत भाव के साथ बैठे हुए, गंभीर और सादा लुक में नजर आते हुए

Vinod Khanna Akshaye Khanna: अभिनय की चकाचौंध और भीड़ भाड़ के बीच कुछ ऐसे स्टार होते हैं जो हमेशा सादगी और मौन पूर्ण दिखाई देते हैं परन्तु उनकी चुप्पी भी एक शांत कहानी कहती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं अक्षय खन्ना की जिन्हें हाल ही मे सिनेमा प्रेमियों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। हालांकि अक्षय खन्ना इस तारीफ़ से खुश जरूर है परंतु वे अब भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।

Vinod Khanna Akshaye Khanna
Vinod Khanna Akshaye Khanna

हमने अक्षय खन्ना को हमेशा भीड़ से अलग ही देखा है। ना ज्यादा शोर, ना बेताब, कैमरे के आगे जितना जरूरी है उतना ही बोलना और कहा जाता है कि इसके पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा हाथ है, जिसकी वजह से उनकी सोच और जिंदगी जीने के नजरिए पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

इंट्रोवर्ट नही इंटेंशन आधारित जीवन शैली को जीते है अक्षय

जी हां अक्षय खन्ना के पिता विनोद खन्ना ने फिल्मी करियर के पीक पर होने के बावजूद भी आध्यात्मिक पथ चुन लिया और ओशो आश्रम में शामिल हो गए। पहले वे पुणे के आश्रम में रहे उसके बाद में अमेरिका में ओशो आश्रम में चले गए। हालांकि ओशो आश्रम और कम्युनिटी बंद होने पर विनोद खन्ना परिवार में वापस जरूर आये परंतु वे अब आध्यात्मिकता को छूकर वापस आए थे इसीलिए उनके विचारों और उनके व्यवहार में आध्यात्मिक झलकती थी। शायद इसी वजह से अक्षय खन्ना भी बचपन से आध्यात्मिकता समझने लगे थे।

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बोर्डिंग स्कूल के दोस्तों ने भी बताया अक्षय को आत्म निरीक्षण है पसन्द

इतने बड़े एक्टर के बेटे होने के बावजूद भी अक्षय खन्ना की पब्लिक छवि कभी भी हाई प्रोफाइल या सोशल मीडिया अपडेट देने वाली नहीं रही। वह हमेशा एक प्राइवेट पर्सन रहे। वह आत्म प्रचार से दूर रहते हैं। उनके दोस्तों का भी कहना है कि वे जब ऊटी में हॉस्टल में रहते थे तब वह काफी एक्सट्रोवर्ट थे। वे लोगों की भीड़ से दूर रहना पसंद करते थे। अक्षय खन्ना ने खुद भी अपने कई इंटरव्यू में कहा है कि वह सार्वजनिक बहस से बचते हैं और जब समय मिलता है वह खुद के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। यहां तक की उन्होंने विवाह को लेकर भी अपने विचार स्पष्ट कर दिए हैं कि वह जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।

सूत्रों की माने तो अक्षय खन्ना का यह व्यवहार उनके पिता की वजह से ही है। क्योंकि विनोद खन्ना ने जब ओशो आश्रम में शामिल होने का निर्णय लिया तब अक्षय खन्ना केवल 5 वर्ष के थे। हालांकि उस समय उनके लिए पिता का यह निर्णय समझ पाना मुश्किल था। परंतु धीरे-धीरे उन्हें पता चला कि उनके पिता के अंदर जरूर कुछ कोई गहरा बदलाव हुआ होगा जिसकी वजह से उन्होंने यह रास्ता चुना। अक्षय खन्ना खुद भी पढ़ाई, आत्मनिरीक्षण और मेनिफेस्टेशन जैसी विधियों की ओर झुकाव रखते हैं वे आध्यात्मिकता और इंटेंशन आधारित जीवन शैली को अपनाते हैं।

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