दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को उनकी बिगड़ती तबीयत के चलते अस्पताल ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के खिलाफ अनशन स्थल से हटाया जाना बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि इस घटना की चर्चा अब सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हो रही है और लोग इसे लेकर चिंता जता रहे हैं।
सपा प्रमुख ने मांग की कि जिन लोगों ने सादी वर्दी में पहुंचकर यह कार्रवाई की, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का इलाज न्यायिक निगरानी में कराया जाना चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान, नवाचार और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से देश की लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, सरकार संवाद के बजाय टकराव की राजनीति कर रही है और इससे देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी कभी गांधीवादी विचारों और शांतिपूर्ण आंदोलनों की समर्थक नहीं रही। उनका आरोप है कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश करती है, लेकिन आज के दौर में डिजिटल माध्यमों से लोग एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं।

