महाराष्ट्र की राजनीति से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का निजी विमान बुधवार सुबह उनके गृह नगर बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। Ajit Pawar Plane Crash की इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान ने मुंबई से उड़ान भरी थी और लैंडिंग से महज कुछ मिनट पहले इसका संपर्क टूट गया।
बुधवार की सुबह महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी त्रासदी लेकर आई। उपमुख्यमंत्री अजित पवार अपने निजी विमान ‘लियरजेट 45’ (Learjet 45) से मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान ने सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। सफर के शुरुआती 30 मिनट तक सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन बारामती पहुंचने से पहले ही विमान रडार से गायब हो गया।
फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस ‘ADS-B एक्सचेंज’ के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि दुर्घटना के समय विमान करीब 1,016 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। उस वक्त विमान की रफ्तार 237 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, विमान जिस पहाड़ी इलाके में गिरा है, वहां का मौसम और भौगोलिक स्थिति रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
कब और कैसे टूटा संपर्क?
विमान की उड़ान और उसके क्रैश होने के बीच की टाइमलाइन काफी पेचीदा नजर आती है। Flightradar24 के डेटा के अनुसार, सुबह 8:34 बजे विमान ने अचानक सर्विलांस सिग्नल भेजना बंद कर दिया था। हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद सिग्नल वापस आए जब विमान ने एक लूप (हवा में घेरा) लिया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिकी।
सुबह ठीक 8:43 बजे विमान का सिग्नल पूरी तरह से शांत (Silent) हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यही वह समय था जब विमान दुर्घटना का शिकार हुआ। जिस स्थान पर सिग्नल खत्म हुए, वह बारामती एयरपोर्ट से मात्र 20 किलोमीटर दूर है। यानी लैंडिंग की तैयारी के दौरान ही यह बड़ा हादसा हो गया।

विमान की स्थिति और शुरुआती डेटा
शुरुआती जांच और ADS-B डेटा के प्राथमिक आकलन में उड़ान के पहले हिस्से में कोई गड़बड़ी नहीं दिखी थी। उड़ान भरने के दस मिनट बाद विमान 6 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई पर था और इसकी रफ्तार 1,036 किलोमीटर प्रति घंटा की शानदार गति पर थी। Ajit Pawar Plane Crash के कारणों की जांच कर रहे विशेषज्ञों के लिए यह समझना जरूरी है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि इतनी ऊंचाई और गति वाला विमान हादसे का शिकार हो गया।
लियरजेट 45 एक आधुनिक बिजनेस एयरक्राफ्ट माना जाता है, जिसमें आमतौर पर 8 से 9 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। इस विमान के सुरक्षा रिकॉर्ड्स और हालिया मेंटेनेंस की भी अब गहनता से जांच की जा रही है।
बारामती और महाराष्ट्र में शोक की लहर
जैसे ही इस दुर्घटना की खबर बारामती और मुंबई के गलियारों में पहुंची, राजनीतिक जगत में सन्नाटा पसर गया। अजित पवार न केवल एक कद्दावर नेता थे, बल्कि बारामती की जनता के साथ उनका जुड़ाव बेहद गहरा था। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ी इलाका होने के कारण टीमों को मलबे तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रशासन ने इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है और ब्लैक बॉक्स की तलाश की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके। क्या यह तकनीकी खराबी थी या मौसम का कोई अचानक बदलाव, यह जांच का विषय है।
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