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Ajit Pawar Death News: विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन

Wreckage of the chartered plane that crashed in Baramati and a portrait of Ajit Pawar.

Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar dies in Baramati aircraft accident.

महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar Death News ने आज पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक निजी विमान हादसे में अजित पवार का दुखद निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब राज्य में शरद पवार और अजित पवार के गुटों के बीच दोबारा राजनीतिक एकीकरण की सुगबुगाहट तेज थी।

बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, अजित पवार आज सुबह करीब 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुए थे। वे बारामती में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के सिलसिले में चार महत्वपूर्ण जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका ‘लियरजेट 45’ विमान सुबह 8:45 बजे रडार से गायब हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने पुष्टि की है कि हादसे के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई थी। विमान में सवार अजित पवार सहित पांच अन्य लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद बारामती समेत पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

चाचा शरद पवार के साथ राजनीतिक सुलह की थी चर्चा

अजित पवार का निधन उस मोड़ पर हुआ है जब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही थी। साल 2023 में एनसीपी (NCP) में हुई बड़ी बगावत के बाद अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग हो गए थे। हालांकि, हालिया स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

दोनों गुटों के बीच जमी बर्फ पिघलती दिख रही थी। हाल ही में सुप्रिया सुले और अजित पवार ने कई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थीं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि अगले कुछ महीनों में एनसीपी के दोनों गुटों का विलय हो सकता है। कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी इसी दिशा में थीं, लेकिन इस हादसे ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

उतार-चढ़ाव भरा रहा सियासी सफर

साल 1999 में शरद पवार द्वारा एनसीपी की स्थापना के बाद से ही अजित पवार पार्टी का एक मजबूत स्तंभ रहे थे। हालांकि, 2023 के विद्रोह के बाद उन्होंने एनडीए (NDA) सरकार का दामन थाम लिया और उपमुख्यमंत्री बने। चुनाव आयोग की लड़ाई में उन्हें पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ भी मिल गया था।

2024 के लोकसभा चुनाव में अजित पवार के गुट को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, लेकिन विधानसभा चुनावों में उन्होंने 41 सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित की थी। वे वर्तमान में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में एक महत्वपूर्ण रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे थे।

पवार परिवार और महाराष्ट्र में शोक

इस हादसे की खबर मिलते ही शरद पवार और सुप्रिया सुले मुंबई से सीधे पुणे के लिए रवाना हो गए। पवार परिवार के लिए यह व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ी क्षति है। अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा और दो बेटों, जय और पार्थ को छोड़ गए हैं।

विमानन विशेषज्ञों ने इस हादसे पर सवाल उठाए हैं क्योंकि लियरजेट 45 मॉडल का एक विमान पहले भी सितंबर 2023 में मुंबई में दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था। विमानन मंत्रालय ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

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