राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने शनिवार को पुणे में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आजादी का वास्तविक अर्थ समझना होगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता (Freedom) का मतलब केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की छूट नहीं है, बल्कि इसके साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। यह बात उन्होंने लोकमान्य तिलक पुरस्कार (Lokmanya Tilak Award) ग्रहण करने के दौरान कही। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी मौजूद रहे।
‘आजादी लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद मिली है’
अजीत डोभाल ने कहा कि आज के कई युवा आजादी को केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में देखते हैं, जबकि इसका असली अर्थ कहीं अधिक व्यापक है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, बलिदान और लंबे इतिहास का परिणाम है। इसलिए नई पीढ़ी को यह समझना चाहिए कि स्वतंत्रता के साथ कर्तव्य और जिम्मेदारी भी आती है।
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील
अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विकास और सुरक्षा के लिए युवाओं को निजी हितों से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्तिगत लाभ और राष्ट्रहित के बीच कभी चुनाव करना पड़े तो युवाओं को राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसी सोच से भारत अपने लक्ष्यों को हासिल करेगा और इतिहास में नया अध्याय लिखेगा।
अमित शाह ने डोभाल की नियुक्ति को बताया ऐतिहासिक फैसला
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के शुरुआती महत्वपूर्ण फैसलों में से एक अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना था।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद भारत की National Security, Foreign Policy और Strategic Approach में बड़ा बदलाव आया। आज भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास और मजबूती के साथ अपनी बात रखता है तथा उसकी विदेश नीति पहले की तुलना में अधिक सशक्त हुई है।
लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित हुए अजीत डोभाल
1 अगस्त को पुणे में आयोजित समारोह में अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार (Lokmanya Tilak Award) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।
अपने संबोधन में डोभाल ने कहा कि आजादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है और राष्ट्र की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यही संदेश उन्होंने नई पीढ़ी को देते हुए देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

