Agra-Mumbai National Highway: मानपुर के गणपति घाट पर ढलान बहुत तीव्र होने के कारण कई बार भारी वाहनों के ब्रेक फेल हो जाते हैं। इससे वाहनों में आग लगने की घटनाएँ भी हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बायपास सड़क बनाई गई थी, लेकिन अब वह भी खराब हो चुकी है। इस संबंध में कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
Agra-Mumbai National Highway: आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) के प्रसिद्ध गणपति घाट (मानपुर क्षेत्र) पर लगातार हो रहे भीषण हादसों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 106 करोड़ रुपये की लागत से 8 किलोमीटर लंबा बायपास बनाया था। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही इस बायपास में गड्ढे पड़ गए, जिसके कारण याचिका इंदौर हाईकोर्ट में दाखिल की गई।
याचिकाकर्ता बीके जैन के वकील ने कोर्ट में बताया कि गणपति घाट की खड़ी ढलान के कारण पिछले दस वर्षों में सड़क हादसों में लगभग 300 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने से वे अनियंत्रित हो जाते थे, जिससे टक्करें होतीं और कई बार वाहनों में आग भी लग जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए लंबे समय से बायपास की मांग उठ रही थी। NHAI ने इंदौर से खलघाट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए यह वैकल्पिक मार्ग बनाया, लेकिन यह भी जल्द ही खराब हो गया।
NHAI का कोर्ट में दावा
सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से मुंबई से वरिष्ठ अधिवक्ता एमवी कीनी पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया कि बायपास की मरम्मत का कार्य पूरा कर दिया गया है और अब वहां कोई समस्या नहीं बची है। NHAI ने निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की।
कोर्ट का निर्देश
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील को निर्देश दिया कि वे NHAI की प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट का अध्ययन करें और अगली सुनवाई पर मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करें। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को निर्धारित की है। यह मामला गणपति घाट की सुरक्षा और NHAI की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है, जहां ब्रेक फेल होने की समस्या के कारण वर्षों से हादसे होते रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि बायपास का उद्देश्य हादसों को रोकना था, लेकिन उसकी खराब स्थिति से समस्या बरकरार है।

