Agra-Gwalior Greenfield Expressway: आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 88 किलोमीटर है। इसमें तीन प्रमुख एंट्री और तीन एग्जिट प्वाइंट (जैसे नूराबाद-मालनपुर, धौलपुर-राजाखेड़ा और दिमनी क्षेत्रों में) निर्धारित किए गए हैं, जिससे स्थानीय यातायात और कनेक्टिविटी काफी सुगम हो जाएगी।
Agra-Gwalior Greenfield Expressway: आगरा और ग्वालियर के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में चार घंटे लगने वाला सफर महज 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है।
तीन एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स से यातायात होगा सुगम
एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकास के लिए तीन प्रमुख पॉइंट तय किए गए हैं। ये पॉइंट नूराबाद-मालनपुर, धौलपुर-राजाखेड़ा-आगरा और दिमनी में बनाए जाएंगे। इन पॉइंट्स से स्थानीय वाहन चालकों को आसानी होगी और पुराने ग्वालियर-आगरा राजमार्ग तथा ग्वालियर-इटावा राजमार्ग से कनेक्टिविटी मिलेगी।
एनएचएआई ग्वालियर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर उमाकांत मीणा ने बताया कि एक्सप्रेसवे के 85 किलोमीटर दायरे में ये तीन एंट्री और तीन एग्जिट पॉइंट्स होंगे। एक्सप्रेसवे के किनारे कोई स्थानीय ब्रिज नहीं बनाया जाएगा, जिससे हाई-स्पीड यातायात बाधित नहीं होगा।
दिल्ली-नोएडा की दूरी भी होगी कम
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ग्वालियर से निकलकर आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे ग्वालियर से दिल्ली या नोएडा जाने वाले वाहन सिर्फ दो घंटे 45 मिनट में गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे चालू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। यह परियोजना क्षेत्र में यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाएगी।
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