महू। एमपी में दूषित पानी से फैलने वाली बीमारी थमने का नाम नही ले रही है। इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की सख्या बढ़ती जा रही है तो इसी बीच महू में दूषित पानी का कहर सामने आ रहा है। यहां के पत्ती बाजार और मोती महल इलाके में एक पखवाड़े के अंतराल में दूषित पानी से 25 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल हैं।
नलों में आ रहा मटमैला-बदबूदार पानी
गंदे पानी को लेकर यहां के रहवासियों को कहना है कि चंदर मार्ग से शुरू हुई गंदे पानी की सप्लाई मोती महल तक पहुंच चुकी है। नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। इस समस्या से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे है। उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र में खराब पानी आने की शिकायत लगातार वे करते आ रहे है, लेकिन कोई ध्यान नही दिया गया। दूषित पानी पीने के कारण यहां पीलिया, डायरिया आदि तरह की बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे है।

250 घर प्रभावित, सर्वे के लिए 12 टीमें तैनात
प्रशासनिक आँकड़ों के अनुसार, चन्दर मार्ग के लगभग 250 घर इस दूषित जल की समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 12 विशेष सर्वे टीमें गठित की हैं, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही हैं। यह टीमें प्रभावित इलाकों का चिन्हांकन कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
कलेक्टर ने बंद कराया पानी
महू में दूषित पानी का मामला सामने आते ही कलेक्टर शिवम वर्मा बस्ती में पहुचे और उन्होने तत्काल नर्मदा से आने वाले पानी सप्लाई को बंद करवाया है। उन्होने प्रभावित क्षेत्र में अब टैंकर से पानी सप्लाई करने की व्यवस्था कर रहे है। जिससे दूषित पानी से लोगो को बचाया जा सकें।
