रीवा। शहर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नीम चौराहा के पास स्थित बस्ती में बुलडोजर चलाया। प्रशासन ने तकरीबन 50 परिवारों के अवैध मकानों को गिरा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से बस्ती के लोगो में न सिर्फ खलबली रही बल्कि वे प्रशासन की इस कार्रवाई को वे विरोध करते हुए तरह-तरह के आरोप भी लगाते रहे, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी और जेसीबी से घरों को गिराने की कार्रवाई किया है।
सरकार ने पट्रटा देने का किया था वादा
बताया जा रहा है कि यह शासकीय भूमि लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है, जिस पर लंबे समय से लोग निवास कर रहे थे। लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने यहां घर बनाए थे और वे 80 से 150 वर्षों से इस जगह पर रह रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें पट्टा देने का आश्वासन दिया था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में स्कूल, आंगनबाड़ी और सुलभ कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई थीं।
बस्ती के लोग दे रहे थे टैक्स और बिल
बस्ती के लोगो को कहना है कि उनसे टैक्स लिया गया और बिजली-पानी के कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन अब बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को गिरा दिया गया। नवरात्र के समय बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि छोटे बच्चों के साथ वे अब कहां जाएंगे।
दी गई थी नोटिस
इस कार्रवाई के सबंध में नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला ने बताया कि एक माह पहले ही सभी अतिक्रमणकारियों को बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया था। यह कार्रवाई याचिकाकर्ता रामानुज पांडे द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका के आधार पर की गई है। प्रशासन के अनुसार, इस शासकीय भूमि पर नगर निगम द्वारा फायर ब्रिगेड स्टेशन और टावर निर्माण का प्रस्ताव है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

