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रीवा में मनमानी स्कूल फीस और किताब माफिया के खिलाफ ABVP का हल्लाबोल, 7 दिन का अल्टीमेटम

ABVP launches a protest in Rewa against arbitrary school fees and the 'book mafia'.ABVP launches a protest in Rewa against arbitrary school fees and the 'book mafia'.

ABVP launches a protest in Rewa against arbitrary school fees and the 'book mafia'.

रीवा: मध्यप्रदेश के रीवा जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के हो रहे आर्थिक शोषण के खिलाफ छात्र संगठन का गुस्सा फूट पड़ा है। निजी स्कूलों द्वारा की जा रही बेतहाशा फीस वृद्धि और अनुचित वसूली के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा विभाग और स्कूल माफिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस लूट को तुरंत रोकने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।

बंद महीनों की फीस और टीसी के नाम पर दोहरी वसूली का आरोप
ABVP के जिला इकाई के पदाधिकारी पवन द्विवेदी ने प्रदर्शन के दौरान निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूल अभिभावकों को केवल पैसे निकालने वाली एटीएम मशीन समझ रहे हैं। स्कूल मई और जून के उन महीनों की भी पूरी फीस वसूल रहे हैं, जिन दिनों गर्मियों की छुट्टियां थीं और एक भी कक्षा संचालित नहीं हुई थी। इसके अलावा, स्थानांतरण (Transfer) के मामलों में तो हद ही पार हो गई है; अभिभावकों को एक ही महीने की फीस दो अलग-अलग स्कूलों में (पहले पुराने स्कूल में और फिर नए स्कूल में) दो बार चुकानी पड़ रही है, जिससे उन पर चौतरफा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

प्रशासनिक आदेश रद्दी की टोकरी में, खास दुकानों से महंगी किताबें खरीदने का दबाव
विद्यार्थी परिषद ने निजी स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं के बीच चल रहे बड़े गठजोड़ का भी पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद निजी स्कूल नियमों को रद्दी की टोकरी में डाल रहे हैं। स्कूल जानबूझकर ऐसे प्रकाशनों (पब्लिशर्स) का कोर्स लगा रहे हैं, जो आम दुकानों पर नहीं मिलते। ये महंगी किताबें केवल कुछ चुनिंदा और खास दुकानों पर ही उपलब्ध होती हैं, जहां अभिभावकों से मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं। इसके साथ ही ड्रेस और अन्य स्टेशनरी की खरीदारी में भी बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और अनियमितताएं की जा रही हैं।

सात दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो ठप होगा चक्काजाम
ABVP कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और मनमानी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर इन दोषी स्कूलों पर नकेल नहीं कसी गई और अभिभावकों को राहत नहीं मिली, तो विद्यार्थी परिषद पूरे जिले में एक उग्र और व्यापक आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शिक्षा विभाग और प्रशासन की होगी।

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