अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी रणनीति: ताकत नहीं, टाइमिंग पर है सारा जोर

Abhishek Sharma practicing a timing-based shot during a cricket training session

भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे अभिषेक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक शैली से नई सनसनी पैदा कर दी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार पारी खेलने के बाद अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी रणनीति चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका खेल केवल अंधाधुंध हिटिंग नहीं, बल्कि गहरी तैयारी और टाइमिंग का एक सटीक मिश्रण है।

ताकत से ज्यादा टाइमिंग पर भरोसा

अभिषेक शर्मा का कहना है कि वे मैदान पर जाकर केवल गेंद को जोर से मारने का प्रयास नहीं करते। अक्सर प्रशंसकों को लगता है कि लंबे छक्के लगाने के लिए भारी शारीरिक शक्ति की आवश्यकता होती है, लेकिन अभिषेक इसे अलग नजरिए से देखते हैं। उनके अनुसार, वे एक ‘टाइमिंग बैटर’ हैं। वे गेंद की गति और दिशा का उपयोग करते हुए उसे सीमा रेखा के पार पहुंचाते हैं।

Abhishek Sharma’s batting strategy and his classic batting stance

गिने-चुने शॉट्स और उनकी महारत

एक दिलचस्प खुलासे में अभिषेक ने कहा, “मेरे पास बहुत अधिक शॉट्स नहीं हैं।” यह सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है क्योंकि वे मैदान के चारों ओर रन बनाते हैं। हालांकि, उनकी असल रणनीति अपने सीमित शॉट्स को पूरी तरह से मास्टर करने की है। वे नेट सेशन में उन्हीं चुनिंदा शॉट्स का बार-बार अभ्यास करते हैं, ताकि मैच की दबाव वाली स्थितियों में उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के अंजाम दिया जा सके।

मैच से पहले का ‘होमवर्क’ और वीडियो एनालिसिस

आधुनिक क्रिकेट में डेटा और विजुअल्स का महत्व बढ़ गया है। अभिषेक मैच से एक दिन पहले विपक्षी गेंदबाजों के वीडियो देखते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि गेंदबाज उन्हें कहां फंसाने की योजना बना रहे हैं। वह न केवल दूसरों के वीडियो देखते हैं, बल्कि अपनी पुरानी बल्लेबाजी के फुटेज का भी विश्लेषण करते हैं ताकि अपनी गलतियों को सुधार सकें।

छक्कों का रिकॉर्ड और आक्रामक तेवर

साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के बाद से आंकड़ों पर नजर डालें, तो अभिषेक शर्मा पूर्ण-सदस्य देशों के बीच सबसे सफल छक्के मारने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। उन्होंने अब तक 33 पारियों में 81 छक्के जड़े हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उनके बाद दूसरे स्थान पर मौजूद पाकिस्तानी बल्लेबाज के नाम उनसे लगभग आधे छक्के ही दर्ज हैं।

पावरप्ले का मनोवैज्ञानिक लाभ

अभिषेक का मानना है कि पहले 6 ओवरों में तेजी से रन बनाना टीम के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यदि शुरुआत में ही विपक्षी टीम के मुख्य गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट्स लग जाएं, तो पूरी टीम का मनोबल बढ़ जाता है। उनका लक्ष्य हमेशा टीम को वह ‘अपर हैंड’ दिलाना होता है, जिससे आने वाले बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो जाए।

Abhishek Sharma’s batting strategy: The focus is entirely on timing, not power

बदली परिस्थितियों में ढलने की चुनौती

भारत जैसे विशाल देश में हर मैदान की मिट्टी और बाउंड्री की लंबाई अलग होती है। अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी रणनीति में परिस्थितियों के अनुसार ढलना सबसे ऊपर है। वे पिच के मिजाज को समझने के लिए नेट सेशन का अधिकतम उपयोग करते हैं। वे जानते हैं कि पिच चाहे धीमी हो या उछाल भरी, उनकी टाइमिंग ही उन्हें बचा सकती है।

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