नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और AISF की नेहा बोरा की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ के नारे लगाए। इसके बाद नेहा बोरा ने आयोजकों से हंगामा करने वालों को बाहर निकालने के लिए कहा।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध मार्च से एक दिन पहले हुई। इसमें अभिनेता प्रकाश राज और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी शामिल हुए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं ने सरकार पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और विरोध प्रदर्शनों को रोकने का आरोप लगाया।
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाए जाने से माहौल गर्म हो गया। इसके बाद नेहा बोरा ने आयोजकों से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर निकालने के लिए कहा।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर लगाए आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि तिरंगा फहराने और विरोध प्रदर्शन करने को कानून का उल्लंघन बताकर सरकार ने दिल्ली में सख्त पाबंदियां लगाईं।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि देश गांधी के विचारों और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलना चाहिए।
नेहा बोरा बोलीं- हिरासत और मारपीट से आंदोलन नहीं रुकेगा
AISF की नेहा बोरा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और उनके साथ कथित मारपीट करने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है।
नेहा बोरा के मुताबिक, यह लड़ाई देश के आम लोगों और गरीबों के अधिकारों से जुड़ी है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन दिल्ली से लेकर मुंबई तक जारी है और इसे रोकना आसान नहीं होगा।
प्रकाश राज ने सरकार पर कसा तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता प्रकाश राज ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरा, वह आज कॉकरोच से डर गया।”
प्रकाश राज ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब आंदोलन को देशभर में फैलाने का फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब देश के हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बनाने का इरादा है।
प्रशांत भूषण बोले- विरोध करना अपराध नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है और लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है।
प्रशांत भूषण ने चेतावनी दी कि अगर सरकार की कथित सख्ती जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी अतीत में कई आंदोलनों के जरिए सरकारों के खिलाफ विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसी सरकार नहीं चल सकती, जो विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश करे।
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस
अभिजीत दीपके, नेहा बोरा, प्रकाश राज और प्रशांत भूषण की मौजूदगी में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध मार्च को लेकर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है।
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और SIR से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान हिरासत और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

