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कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के सीजेपी के ऐलान पर दिल्ली पुलिस सख्त। धारा 163 लागू, जानें पूरी अपडेट और सुरक्षा इंतजाम।

कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क

कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 16 अक्टूबर को दिल्ली के प्रसिद्ध कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है.

यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब CJP के सह-संयोजकों आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने के आरोप में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया. इसके विरोध में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने जनता और समर्थकों से 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे भारी संख्या में सेंट्रल पार्क पहुंचकर तिरंगा फहराने की खुली अपील की है.

प्रशासनिक सख्ती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने दिल्ली पुलिस को आधिकारिक पत्र लिखकर सूचित किया है कि प्रशासनिक कारणों के चलते सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को पूरी तरह बंद रहेगा. साथ ही, पार्क में किसी भी तरह के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

“मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।” — नेहा यादव, डीसीपी, दिल्ली पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भीड़ पर कड़ी नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सेंट्रल पार्क और उसके आसपास बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियों में से प्रत्येक शिफ्ट में 30 कंपनियां तैनात की जा रही हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर बढ़ाकर 60 कंपनियां तक किया जा सकता है.

राजनीतिक सरगर्मी और CJP संस्थापक का कड़ा रुख

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि वे पुलिस की पाबंदियों से डरने वाले नहीं हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए.

“क्या भारत का झंडा फहराने के लिए किसी परमिशन की जरूरत है? तिरंगा इस देश के 130 करोड़ लोगों का है, सिर्फ दिल्ली पुलिस का नहीं। हम जहां चाहेंगे, वहां तिरंगा फहराएंगे।” — अभिजीत दीपके, संस्थापक, CJP

दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को उनके द्वारा बुलाए गए दिल्ली बंद के दौरान प्रशासन ने इंटरनेट, बसें और मेट्रो सेवाएं बाधित कर दी थीं. इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है, जिससे राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ गया है.

दूसरी ओर, कनॉट प्लेस और आसपास के व्यापारिक एवं बाजार संघों ने पुलिस को पत्र लिखकर अपनी दुकानों और बाजारों की सुरक्षा की गुहार लगाई है. व्यापारियों को आशंका है कि इस विरोध प्रदर्शन और भीड़भाड़ के कारण उनके दैनिक कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क क्यों बंद किया गया है?

प्रशासनिक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते NDMC ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर के लिए बंद रखने का फैसला किया है.

Q2: कनॉट प्लेस में कौन सी धारा लागू की गई है?

कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू की गई है.

Q3: CJP के किन नेताओं को हिरासत में लिया गया है?

CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

Q4: तिरंगा फहराने का यह ऐलान किसने किया है?

यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा किया गया है.

Q5: इस प्रदर्शन में सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और CAPF की कंपनियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है.

निष्कर्ष और दूरगामी प्रभाव

कनॉट प्लेस तिरंगा विवाद प्रशासनिक और राजनीतिक मोर्चे पर एक गंभीर टकराव का रूप लेता जा रहा है. जहां एक तरफ CJP अपने पाबंदियों के बावजूद लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रध्वज फहराने के हक की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देकर किसी भी प्रकार के उल्लंघन से सख्ती से निपटने की तैयारी में है. आने वाले दिनों में यह विवाद राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति और प्रशासनिक नीतियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है.

Manish Kumar began his professional journey in digital marketing and performance marketing, and currently works as a Digital Marketing Excutive and SEO expert. With over 3 years of professional experience, he handles both strategy and execution. Currently, he manages digital marketing and performance marketing at ‘Shabd Sanchi’ (shabdsanchi.com).

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