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पंजाब से AAP सांसद संजीव अरोड़ा के घर और व्यापारिक संस्थानों पर ED की रेड जारी है। जानें ब्लैक मनी से जुड़े इस मामले में अब तक क्या बड़े खुलासे हुए हैं?

Security forces outside AAP MP Sanjeev Arora residence during ED raid in Ludhiana.Security forces outside AAP MP Sanjeev Arora residence during ED raid in Ludhiana.

ED Raids AAP MP Sanjeev Arora Premises April 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उद्योगपति संजीव अरोड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। AAP सांसद संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ED की रेड पिछले 26 घंटों से लगातार जारी है। यह जांच लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ समेत कुल 13 ठिकानों पर की जा रही है, जिसमें उनके परिवार और करीबियों की फर्में भी शामिल हैं।

AAP सांसद संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ED की रेड का कारण

सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अवैध संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ी है। जांच एजेंसी को संदेह है कि संजीव अरोड़ा और उनके व्यापारिक साझेदारों ने ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी शेल कंपनियों और रियल एस्टेट निवेश का सहारा लिया है। लुधियाना में उनके आवास के बाहर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है और अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो रही है।

26 घंटों से अधिकारियों का डेरा

सोमवार सुबह शुरू हुई यह रेड मंगलवार को भी जारी रही। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी न केवल संजीव अरोड़ा बल्कि उनके बेटे और दो व्यापारिक साझेदारों के दफ्तरों को भी खंगाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि टीम के हाथ कुछ डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजैक्शन की डिटेल्स लगी हैं, जिनका मिलान अरोड़ा के टैक्स रिटर्न्स से किया जा रहा है।

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लुधियाना और गुरुग्राम में मुख्य फोकस

जांच का मुख्य केंद्र लुधियाना का सिविल लाइन्स इलाका और गुरुग्राम के व्यापारिक दफ्तर हैं। संजीव अरोड़ा पंजाब के एक बड़े टेक्सटाइल और रियल एस्टेट कारोबारी माने जाते हैं। ED इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या किसी सरकारी जमीन के हस्तांतरण या औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन में नियमों का उल्लंघन कर धन शोधन (Money Laundering) किया गया है।

व्यापारिक साझेदारों और बेटे की फर्में रडार पर

इस जांच की आंच संजीव अरोड़ा के परिवार तक भी पहुँच गई है। उनके बेटे की संचालित फर्मों के रिकॉर्ड्स को भी कब्जे में लिया गया है। जांच टीम यह देख रही है कि पिछले कुछ वर्षों में इन फर्मों के टर्नओवर में जो अचानक उछाल आया, उसका स्रोत क्या था। इसके अलावा, दो अन्य करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है जो उनके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदार हैं।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

AAP सांसद संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ED की रेड के बाद पंजाब की राजनीति गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे केंद्र सरकार की प्रतिशोध वाली राजनीति करार दिया है। वहीं, विपक्षी दलों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी निष्पक्ष जांच का स्वागत होना चाहिए। गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा से पहले भी AAP के कई नेता केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।

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वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल

ED की टीम ने संजीव अरोड़ा के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को भी तलब किया है। वित्तीय दस्तावेजों में कुछ ऐसे संदिग्ध एंट्रीज मिलने की खबर है, जो विदेशी निवेश या ऑफशोर खातों से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, अभी तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक जब्ती सूची साझा नहीं की गई है, लेकिन 13 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई होना मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

FAQs

Q1. संजीव अरोड़ा कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?

संजीव अरोड़ा पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और एक बड़े उद्योगपति हैं। उन पर मुख्य रूप से वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी जमीन के हस्तांतरण में धांधली और ब्लैक मनी को रियल एस्टेट के जरिए वाइट करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप लगे हैं।

Q2. ED की यह रेड किन शहरों में चल रही है?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमें एक साथ पंजाब के लुधियाना और जालंधर, हरियाणा के गुरुग्राम और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में रेड कर रही हैं। कुल 13 ठिकानों पर जांच की जा रही है।

Q3. क्या यह जांच किसी विशेष घोटाले से जुड़ी है?

प्रारंभिक सूत्रों के अनुसार, यह रेड प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है। जांच का केंद्र वह फंड है जो उनकी टेक्सटाइल और रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया गया है। एजेंसी यह देख रही है कि क्या इन फंड्स का स्रोत अवैध गतिविधियों से जुड़ा है।

Q4. रेड के दौरान अब तक क्या बरामद हुआ है?

आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई जब्ती सूची (Seizure List) जारी नहीं की गई है। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि अधिकारियों ने बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, बैंक खाते के विवरण और संपत्ति के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।

Q5. इस रेड पर आम आदमी पार्टी की क्या प्रतिक्रिया है?

आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि आगामी चुनावों और राजनीतिक दबाव के चलते केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके उनके नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

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