बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक आनंद एल राय इन दिनों एक बड़ी कानूनी मुश्किल में घिरे नजर आ रहे हैं। फिल्म ‘राँझणा’ के बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP Rights) के कथित उल्लंघन को लेकर उन पर Aanand L Rai Lawsuit दर्ज किया गया है। इरोस इंटरनेशनल द्वारा लगाए गए 84 करोड़ रुपये के इस हर्जाने के दावे पर अब खुद निर्देशक ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसे व्यापार का एक हिस्सा बताया है।
क्या है 84 करोड़ रुपये का यह कानूनी विवाद?
फिल्म प्रोडक्शन हाउस इरोस इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड ने आनंद एल राय और उनके बैनर ‘कलर येलो मीडिया’ के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इरोस का आरोप है कि आनंद एल राय ने अपनी नई फिल्म ‘तेरे इश्क में’ के प्रचार के दौरान 2013 की फिल्म ‘राँझणा’ की विरासत और उसके तत्वों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया है।
कंपनी का दावा है कि ‘राँझणा’ से जुड़े सभी ट्रेडमार्क, डायलॉग और किरदारों के अधिकार विशेष रूप से उनके पास सुरक्षित हैं। इरोस के अनुसार, जुलाई 2025 में जारी किए गए फिल्म के टीजर में कुछ ऐसे विजुअल्स और बैकग्राउंड स्कोर का प्रयोग किया गया, जो दर्शकों को जानबूझकर ‘राँझणा’ की याद दिलाते हैं। इसे इरोस ने कॉपीराइट का खुला उल्लंघन माना है।
Aanand L Rai Lawsuit पर डायरेक्टर की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद एल राय ने काफी सहज रुख अपनाया है। उन्होंने एक हालिया बातचीत में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह के विवाद चलते रहते हैं। उनके अनुसार, जब आप कोई बड़ा बिजनेस करते हैं, तो ऐसी कानूनी अड़चनें आना सामान्य बात है। राय ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को बहुत गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और उनके वकील इसका उचित जवाब देंगे।
निर्देशक ने आगे कहा कि उन्हें ठीक से यह भी नहीं पता कि यह शिकायत कहाँ से और किस आधार पर शुरू हुई है। हालांकि, मामला अब अदालत में है, इसलिए उन्होंने अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उनका मानना है कि यह वकीलों के बीच सुलझने वाला मुद्दा है और इसका उनकी रचनात्मक प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
किरदारों की समानता और सीक्वल का दावा
इरोस द्वारा दायर याचिका में किरदारों के चित्रण पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि फिल्म ‘तेरे इश्क में’ में मोहम्मद जीशान अय्यूब का रोल उनके ‘राँझणा’ वाले किरदार ‘मुरारी’ जैसा ही है। वहीं, अभिनेता धनुष का इमोशनल ग्राफ भी कुंदन के चरित्र से मिलता-जुलता दिखाया गया है।
इरोस ने आरोप लगाया कि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद मेकर्स ने फिल्म को ‘स्पिरिचुअल सीक्वल’ के रूप में पेश करना बंद नहीं किया। कंपनी का मानना है कि इससे ‘राँझणा’ की ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुँच रहा है। इसी क्षतिपूर्ति के लिए उन्होंने 84 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
फिल्म जगत पर इस केस का संभावित असर
यह मामला सिर्फ दो पार्टियों के बीच का नहीं है, बल्कि इसमें टी-सीरीज और नेटफ्लिक्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को भी प्रतिवादी बनाया गया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह केस भविष्य में फिल्मों के ‘स्पिरिचुअल सीक्वल’ या किरदारों के दोहराव से जुड़े नियमों को और कड़ा कर सकता है। अगर इरोस अपने आरोपों को साबित करने में सफल रहता है, तो यह फिल्ममेकर्स के लिए एक बड़ा सबक होगा।
फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है। आनंद एल राय की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, लेकिन इस कानूनी लड़ाई ने फिल्म के बिजनेस और अधिकारों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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