उज्जैन। मध्यप्रदेश यू तो आस्था से सराबोर है, लेकिन यहां की देश भक्ति किसी भी मायने में कंम नही है। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में जंहा भगवान भोले नाथ की 12 ज्योर्तिलिंगो में से एक है तो वही उज्जैन शहर में शिप्रा नदी के तट पर नरसिंह घाट के पास स्थित भारत सेवक मंदिर (शहीद मंदिर) एक अनोखा मंदिर है, जहां भगवान की आराधना के साथ-साथ देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले 41 वीर सपूतों और परमवीर चक्र विजेताओं को प्रतिदिन नमन व श्रद्धांजलि दी जाती है।
पूर्व जज ने कराया था निर्माण
जानकारी के तहत शहीदों का यह मंदिर साल 2008 में बनाया गया था। मंदिर निर्माण पूर्व जज दान सिंह चौधरी की सोच का परिणाम है। उनका मानना था कि देश के अमर शहीदों की प्रतिमाएं अक्सर शहरों के चौराहों पर स्थापित तो कर दी जाती हैं, लेकिन समय के साथ उनकी उपेक्षा होने लगती है। कई प्रतिमाएं धूल और गंदगी से ढकी रहती हैं और उनकी साफ-सफाई केवल राष्ट्रीय पर्वों या विशेष अवसरों पर ही हो पाती है।
हर दिन किया जाता है याद
मंदिर में वीर सपूतों की प्रतिमा लगाए जाने से देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को केवल राष्ट्रीय पर्वों पर नहीं, बल्कि हर दिन याद किया जाए। यहां पर राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा एक साथ दिखाई देती है। करीब 41 प्रतिमाओं वाले इस परिसर में शहीद जवानों के साथ नारी शक्ति को भी स्थान दिया गया है। खास बात यह है कि प्रत्येक प्रतिमा के साथ संबंधित वीरों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई है, ताकि यहां आने वाले लोग उनके जीवन, शौर्य और बलिदान के बारे में पढ़ सकें।

