जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिला अंतर्गत सिहोरा के आजाद चौक स्थित दुर्गा मंदिर के पास गुरुवार रात आरती और अजान के दौरान ऐसा विवाद हुआ कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और देखते-ही-देखते यह विवाद धार्मिक विवाद बन गया। सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल के साथ ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने मोर्चा सम्हालते हुए स्थित को नियंत्रित किए। इस मामले में पुलिस ने 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में नियंत्रित किया गया। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
यह थी घटना
जानकारी के तहत घटना सिहोरा के वार्ड क्रमांक 5 के आजाद चौक रात तकरीबन 9 बजे मंदिर में लाउडस्पीकर पर आरती हो रही थी। उसी समय कुछ लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे। तभी दोनों पक्षों के युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने नारेबाजी कर वातावरण दूषित करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक युवक ने दुर्गा मंदिर की ग्रिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह देखकर युवक भड़क गए, उनके बीच मारपीट होने लगी। कुछ ही देर में दूसरे पक्ष के कई युवक आए और मंदिर परिसर में घुसने लगे। इसके बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। इस बीच दूसरे पक्ष ने पथराव कर दिया। लगभग 10 मिनट तक हंगामा होता रहा। अचानक हुए पथराव और हमले से भगदड़ की स्थिति बन गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस आरोपियों की कर रही पहचान
पुलिस कप्तान के अनुसार पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। संदिग्धों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
प्रशासन ने इलाके में फ्लैग मार्च किया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस के पहुंचने के बाद हालात सामान्य हो गए थे। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और प्रशासन सतर्क है। सांप्रदायिक सद्भाव को बहाल रखने के लिए दोनों ही समुदाय के लोग बातचीत कर शांति बनाई हैं। शुक्रवार होने के कारण पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से घटना वाले संवेदनशील स्थान के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है। आने जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही की अनुमति नहीं है। इस क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें सुबह नहीं खुली हैं। तनाव के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।

