A newborn baby was tied in a sack and left in the forest in Bharhut village of Satna: सतना जिले के उचेहरा विकासखंड के विश्वविख्यात भरहुत गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जन्म के तुरंत बाद एक नवजात शिशु को पुरातत्व विभाग की बाउंड्रीवाल के भीतर जंगल क्षेत्र में बोरी में बांधकर लावारिस छोड़ दिया गया। ठंड और भूख से तड़प रहे मासूम की जान ग्रामीणों की सतर्कता, सरपंच की संवेदनशीलता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बाल-बाल बच गई।
घटना का पता तब चला जब सुबह कुछ ग्रामीण शौच के लिए जंगल की ओर गए। उन्हें बाउंड्रीवाल के अंदर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखा तो कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु बोरे में पड़ा मिला। यह देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए और उन्होंने तुरंत गांव की सरपंच माया देवी को सूचना दी।
सरपंच माया देवी मौके पर पहुंचीं और फौरन उचेहरा थाने को जानकारी दी। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम भेजी। सहायक उपनिरीक्षक संतोष सिंह, आरक्षक संतोष वर्मा, कौशल गुर्जर और आरक्षक शिवानी मेहरा ने नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और सिविल अस्पताल उचेहरा पहुंचाया।
अस्पताल में महिला चिकित्सक और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी ने जांच की। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर है और वह विशेष निगरानी में है। सरपंच माया देवी ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी खुद संभाली है। वे अस्पताल में मौजूद रहकर उसकी सेवा कर रही हैं और कहती हैं कि जब तक प्रशासन कोई स्थायी व्यवस्था नहीं करता, वे बच्चे का पूरा ख्याल रखेंगी।
टीआई सतीश मिश्रा ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। आशंका है कि सामाजिक दबाव या पारिवारिक कारणों से बच्चे को छोड़ा गया हो। पुलिस आसपास के गांवों, स्वास्थ्य केंद्रों और आशा कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर रही है ताकि परिजनों की पहचान हो सके।
