मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर जंगली हाथियों के एक बड़े झुंड के प्रवेश करने से हड़कंप मच गया है। उमरिया के रास्ते शहडोल पहुंचे लगभग 30 हाथियों के इस झुंड ने गोदावल वन क्षेत्र के कई गांवों में भारी उपद्रव मचाया है। हाथियों ने खेतों में पककर तैयार धान की फसल को बुरी तरह रौंद दिया है और गरीब ग्रामीणों की झोपड़ियों को भी तोड़ डाला है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत के साथ-साथ वन विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
गोदावल वन क्षेत्र के इन गांवों में फैला आतंक
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह बड़ा झुंड शुक्रवार रात को उमरिया जिले की सीमा पार कर शहडोल जिले में दाखिल हुआ था। शनिवार सुबह से लेकर शाम तक इन हाथियों ने गोदावल वन परिक्षेत्र के बेड़रा, कोठिया, घोरषा और आसपास के गांवों में जमकर तांडव मचाया। विशेष बात यह है कि इस झुंड में कई नन्हे हाथी भी शामिल हैं। हाथियों ने तेंदुआढ गांव के पहाड़ टोला में रहने वाले राहुल कोल और विनोद पटेल के घरों व झोपड़ियों पर धावा बोलकर उन्हें तोड़ दिया और भारी नुकसान पहुंचाया। साथ ही खेतों में लहलहाती धान की फसल को पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया।
हाल ही में देवलोंद में हुई थी एक हाथी की मौत
हाथियों के इस नए दल के आने से क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता और अधिक बढ़ गई है, क्योंकि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही समय पहले देवलोंद इलाके में करंट लगने से एक जंगली हाथी की दर्दनाक मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ रही हाथियों की आमद और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, वन विभाग पर लगाए आरोप
घटना के बाद प्रभावित गांवों के लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीमें मौके पर काफी देर से पहुंचीं, जिससे हाथियों को रोकने या नुकसान को कम करने का समय नहीं मिल पाया। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर भी है कि हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए विभाग द्वारा समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।
वन विभाग की टीमें तैनात, लगातार की जा रही है मुनादी
दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग हरकत में आ गया है। शहडोल की डीएफओ तरुणा वर्मा ने जानकारी दी है कि हाथियों की पल-पल की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखने के लिए वन विभाग की कई विशेष टीमों को मौके पर तैनात कर दिया गया है।
विभाग द्वारा आसपास के सभी प्रभावित गांवों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी जा रही है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और भूलकर भी जंगलों या खेतों की तरफ न जाएं। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों को सुरक्षित दिशा में खदेड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।

