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सिंगरौली: NCL निगाही कोलयार्ड के विशाल भंडार में भीषण आग, करोड़ों के कोयले के नुकसान की आशंका

A massive fire broke out at a huge storage facility at NCL Nigahi Colliery.A massive fire broke out at a huge storage facility at NCL Nigahi Colliery.

A massive fire broke out at a huge storage facility at NCL Nigahi Colliery.

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की निगाही परियोजना के ईस्ट कोलयार्ड पैकेज-बी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ कोयले के एक विशाल भंडार में भीषण आग लग गई है, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया है। इस घटना के बाद से पूरे खदान क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आग लगने के कारण उठ रही तेज लपटों और धुएं के गुबार को दूर-दूर से देखा जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर परियोजना प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेजी से फैल रही लपटें, कोयला उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा

बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में कोयले के एक बड़े हिस्से से भयानक धुआं और आग की लपटें निकलती साफ दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि आग लगातार फैलती जा रही है, जिससे करोड़ों रुपये मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के जलकर नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय जानकारों का मानना है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र के कोयला उत्पादन और विभिन्न पावर प्लांटों को होने वाली कोयला आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे बड़ा संकट खड़ा होने की संभावना है।

प्रबंधन के दावों की खुली पोल, स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

इस हादसे को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों और श्रमिकों का आरोप है कि निगाही माइंस प्रबंधन द्वारा नियमित निगरानी, पानी के टैंकरों और डोजरों की उपलब्धता के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ये सब नदारद दिखे। लोगों का कहना है कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में भारी लापरवाही के कारण ही आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जा सका, जिससे यह हादसा इतना बड़ा हो गया। फिलहाल अधिकारियों और माइंस प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवाल उठ रहे हैं।

PRO की सफाई: गर्मी के मौसम में कोयले में स्वतः लगती है आग

इस पूरे मामले में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रामविजय सिंह ने प्रबंधन का पक्ष रखते हुए बताया कि गर्मियों के मौसम में अत्यधिक तापमान के कारण कोयले के भंडार में स्वतः (Self-heating) आग लगने की घटनाएं सामान्य होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगाही सहित अन्य खदान क्षेत्रों में भी गर्मी के दौरान ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं। एनसीएल की फायर फाइटर टीमें और सुरक्षाकर्मी लगातार ऐसी घटनाओं पर नजर रखते हैं और इसे नियंत्रित करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।

जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे नुकसान के वास्तविक आंकड़े

प्रबंधन की सफाई के बावजूद, आग की गंभीरता और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सुरक्षा इंतजामों की पोल खुलती नजर आ रही है। फिलहाल मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है और आग को पूरी तरह से बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का वास्तविक आकलन आग पर पूरी तरह काबू पाने और मामले की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। एनसीएल प्रबंधन ने इस घटना से जुड़े सभी तथ्यात्मक पहलुओं की जांच कराने की बात कही है।

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