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अपने की कार्यालय के कर्मचारी से बाबू ले रहा था घूस, पहुच गई लोकायुक्त की टीम और फिर

पन्ना। एमपी के सरकारी कार्यालयों में घूंसखोरी थमने का नाम नही ले रही है। हद तब हो गई जब कर्मचारी अपने ही स्टाफ से भी रिश्वत लेने में कोई गुरेज नही कर रहे है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को एमपी के पन्ना जिले से सामने आ रहा है। यहा स्वस्थ विभाग में काम करने वाले बाबू विमल खरे को सागर लोकायुक्त ने 2500 रूपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप कर लिया है। बाबू के खिलाफ लोकायुक्त ने भष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।

छुट्टी दिलाने ले रहा था रिश्वत

जानकारी के तहत आवेदक दिलीप डामोर 28 वर्ष निवासी नवापाड़ा कस्बा थांदला जिला झाबुआ हाल निवासी बेनिसगर मोहल्ला जो कि जिला क्षय केंद्र में लैब टेक्नीशियन के पद पर पदस्थ हैं, उन्होंने लोकायुक्त सागर पुलिस को शिकायत की थी कि उनकी माता की तबीयत खराब है जिसके चलते उन्हें छुट्टी चाहिए। जिस पर विभाग का बाबू विमल खरे छुट्टी मंजूर कराने के लिए पैसों की मांग करने लगा।

बीमार मां के लिए ले रहा था छुट्टी

बताते है कि क्षय रोग विभाग में काम करने वाला शिकायत कर्त्ता दिलीप डामोर अपनी बीमार मां की देखभाल करने लिए के लिए छुट्रटी की मांग कर रहा था। इसके लिए उन्होंने लिपिक विमल खरे से संपर्क किया। शिकायत कर्त्ता का आरोप है कि बाबू के द्वारा 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2500 रुपये की मांग की गई थी। ऐसे में वह सागर लोकायुक्त में संपर्क किया और रिश्वत के खिलाफ शिकायत किया था। सागर लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर निरिक्षक रोशनी जैन की टीम ने बाबू को 2500 रूपए की रिश्वत लेते तब पकड़ लिया जब वह घूंस के पैसो को लेकर रख रहा था। इस कार्रवाई से कार्यालय में खलबली मच गई।

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