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एमपी के सतना में कुपोषण से एक बच्चे की मौत, स्वास्थ विभाग में खलबली

सतना। कुपोषण का कंलक मिटाने के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे है, लेकिन इसमें सफलता मिलती नजर नही आ रही है। ऐसा ही एक मामला एमपी के सतना से सामने आ रहा हैं। जानकारी के तहत सतना जिला अस्पताल में अति गंभीर कुपोषण से पीड़ित एक बच्चे की मौत का मामला सामने आने से प्रशासन के होष उड़ गए। वही इस मामले में जिला स्वास्थ विभाग ने तत्काल एक्शन ले लिया है। सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी ने सेक्टर मेडिकल ऑफिसर पीएचसी खुटहा डॉ. एसपी श्रीवास्तव, आशा कार्यकर्ता मरवा उर्मिला सतनामी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्वास्थ्य केंद्र मरवा लक्ष्मी रावत, सेक्टर सुपरवाइजर खुटहा राजकिशोर शुक्ला को नोटिस जारी किया है।

4 माह पूर्व बच्चे का हुआ था जन्म

जो जानकारी आ रही है उसके तहत चार महीने पूर्व हुसैन रजा का जन्म हुआ था। बताया जाता है कि 18 अक्टूबर को परिजन शिशु को अस्पताल लाए थे। परीक्षण के बाद बच्चे को पीकू (पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया था। रजा का वजन ढाई किलो था। समान्यतरू 5 किलो या इससे ज्यादा होना चाहिए। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के हरसंभव प्रयास किए, लेकिन कुपोषण का शिकाय बच्चे की अंततः मौत हो गई।

कंम चजन से बढ़ी बीमारी

जिले से सामने आ रहे कुपोषण के इस मामले को लेकर बताया जा रहा है कि कुपोषण की वजह से बच्चे की शरीर प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई थी। निमोनिया समेत कई तरह के सक्रमण से बच्चा ग्रस्ति हो गया था। ऐसे में शासन-प्रशासन के दस्तक अभियान पर सवाल उठ रहे है। सीएमएचओ के अनुसार रजा का जन्म 2 जुलाई 2025 को हुआ। तब वजन तीन किलो था। जिले में जुलाई-सितंबर तक चलाए गए दस्तक अभियान में कुपोषित बच्चों की पहचान कर एनआरसी में भर्ती कराया जाना था, नियमित फॉलोअप और टीकाकरण भी नहीं किया गया। इसके लिए जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई है और उन्हे नोटिस जारी किया गया है।

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