A bloody clash between the MLA’s PA and the Dwivedi family over a land dispute: रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बैकुंठपुर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित सथिनी चौरा गांव में शुक्रवार को पुरानी रंजिश और ज़मीनी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है और मामला सत्ता पक्ष से जुड़े व्यक्ति से संबंधित होने के कारण राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी बढ़ गई है।
विधायक के पीए ने घर में घुसकर किया हमला
पीड़ित पक्ष की पुष्पा द्विवेदी, राजकुमार और अशोक द्विवेदी का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सिरमौर विधायक के निजी सचिव (पीए) प्रशांत सिंह बघेल ने 10-15 हथियारबंद साथियों के साथ उनके घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि ज़मीन पर अवैध कब्ज़े की नीयत से किए गए इस हमले में तीन सगे भाइयों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। घायलों को तत्काल रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ितों ने सगरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
रास्ते में घात लगाकर हुआ हमला
वहीं, दूसरे पक्ष से विधायक के सचिव प्रशांत सिंह बघेल ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए द्विवेदी परिवार पर ही हमला करने का आरोप लगाया है। प्रशांत सिंह का कहना है कि वे अपने साथियों के साथ जा रहे थे, तभी द्विवेदी परिवार के लोगों ने रास्ता रोककर उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस संघर्ष में प्रशांत सिंह और उनके साथी भी घायल हुए हैं, जिनका प्राथमिक उपचार सिरमौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। उन्होंने इस संबंध में बैकुंठपुर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस जांच और राजनीतिक सरगर्मी
सड़क पर लाठी-डंडे चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और मौके के साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जाएगी। फिलहाल, सत्ता पक्ष के रसूख और गंभीर घायल होने की खबरों के बीच गांव में पुलिस बल तैनात है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है।

