रीवा। रीवा में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। शिव बारात आयोजन समिति के द्वारा भव्य बारात शहर में निकाली जा रही हैं। जिसमें 31 फिट की 551 किलो वजनी त्रिशूल शामिल रहेगी। इसके साथ ही बारात में आकर्षक सांस्कृति कार्यक्रम कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। शिव बारात का समापन पंचमठा में शिव-पार्वती स्वरूप का विवाह के साथ होगा।
भगवान शिव का दिव्य अस्त्र है त्रिशूल
हिंदू परंपरा में त्रिशूल भगवान शिव का दिव्य अस्त्र माना जाता है, जो शक्ति, संतुलन और त्रिगुण-सात्विक, राजसिक और तामसिक का प्रतीक है। महाशिवरात्रि पर इसकी स्थापना को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैजू धर्मशाला से शुरू होगी बारात
शिवबारात आयोजन समिति के अनिल केशरी ने बताया कि बारात बैजू धर्मशाला से सुबह 9 बजे रवाना होगी। यह बारात वेंकट मार्ग, स्टेच्यू चौक, साई मंदिर, कोठी रोड से होकर शिल्पी प्लाजा पहुचेगी। बारात स्वागत भवन, प्रकाश चौक, सिरमौर चौक और फोर्ट रोड होते हुए एसके स्कूल के पीछे से पचमठा आश्रम पहुंचेगी। यहां शिवबारात का विधिवत स्वागत किया जाएगा।
108 स्थानों पर पुष्पवर्षा और स्वागत
आयोजन समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया कि शिव बारात का मार्ग में 108 स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। बारात में धर्म ध्वजा, झांझ-मंजीरा, ढोल-नगाड़े, डमरू दल, बैंड, महाकाल की पालकी, 31 फीट का त्रिशूल, रुद्राक्ष की झांकी, काली माता, आदिशक्ति, केदारनाथ मंदिर, नरसिंह अवतार, राधा-कृष्ण रासलीला और शिव-पार्वती की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विभिन्न लोकनृत्य, डांडिया, घूमर और अखाड़ा प्रदर्शन भी शामिल रहेंगे।
शहरवासियों को दिया गया न्यौता
आयोजन समिति ने इस शिव बारात एवं पंचमठा धाम में आयोजित विवाह तथा भंडारा में शामिल होने के लिए शहर वासियों का आवाहन किए है। इसके लिए शहर में एक आवाहन वाहन रैली निकाली गई। जिसमें समिति के लोग हिस्सा लेकर सभी को न्यौता दिए है।

