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विंध्य के 5 रचनाकारों समेत 80 साहित्यकारों का हुआ सम्मान

भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा 25 अगस्त को रवींद्र भवन भोपाल में अलंकरण समारोह अयोजित किया गया। इस सम्मान समारोह में विभिन्न प्रांतों के लगभग 80 साहित्यकारों को राष्ट्रीय और प्रादेशिक पुरस्कारों से अलंकृत किया गया। रचनाकारों के इस सम्मान समारोह में विंध्य के 5 साहित्यकारो को उनकी रचनाओं के लिए सम्मानित किया गया है।

विंध्य के इन रचनाकारों का सम्मान

भोपाल में हुए सम्मान समारोह में रीवा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ प्रमोद जैन को 2023 में प्रकाशित उनकी लघुकथा सेल्फ़ी के लिए जैनेन्द्र कुमार जैन पुरस्कार से अलंकृत किया गया। मुकुंदपुर जिला-मैहर के साहित्यकार सीताशरण गुप्त को, 2022 में प्रकाशित उनकी बघेली रचना जगन्नाथ केर परसाद के लिए महाराजा विश्वनाथ सिंह जू देव स्मृति पुरस्कार से अलंकृत किया गया। रीवा के डॉ चंद्रिका प्रसाद चंद्र को 2023 में प्रकाशित बघेली रचना रिस्तन के निबाह के लिए महाराजा विश्वनाथ सिंह जू देव स्मृति पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। इसी तरह डॉ विवेक कुमार द्विवेदी को 2023 में प्रकाशित कहानी अलविदा कावेरी के लिए प्रादेशिक सुभद्रा कुमारी चौहान पुरस्कार, त्योंथर रीवा के डॉ ओमप्रकाश मिश्र को 2023 में प्रकाशित गीत मेरा परिचय मेरी कविता के लिए वीरेंद्र मिश्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

साल, श्रीफल और 50 हजार

इस अलंकरण समारोह में रचनाकारों को 51,000 रुपए नगद के साथ ही, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। बता दें सीताशरण गुप्त की यह कृति बघेली की पहली निबंध पुस्तक है और मैहर जिला को पहली बार यह गौरव प्राप्त हुआ है। रचनाकारों की इस उपलब्धि पर सोमालोब मंच सीधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास शुक्ल सरस, रामलखन गुप्त चाकघाट, नारायण डिगवानी, बघेली सेवामंच रीवा के अध्यक्ष भृगुनाथ पाण्डेय, सुरुचि साहित्य समिति मुकुंदपुर के संरक्षक डॉ रामसरोज द्विवेदी, अनिल अयान, पेंशनर समाज जिला मैहर के अध्यक्ष ललमणि सिंह, विंध्यांचल सोशल ग्रुप इंदौर के मदनगोपाल त्रिपाठी और रामनगर से बघेली बांधव के अरुण पायसी सहित बुद्ध लोगों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए अपनी खुशी जाहिर किए है।

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