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सिंगरौली: तिरंगा यात्रा में मंत्री के इंतजार में धूप-उमस से 12 स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

12 school children fell ill during the Tiranga Yatra in Singrauli.12 school children fell ill during the Tiranga Yatra in Singrauli.

12 school children fell ill during the Tiranga Yatra in Singrauli.

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी में तिरंगा यात्रा के दौरान अव्यवस्थाओं और भीषण गर्मी के कारण 12 स्कूली विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा, तेज धूप और बिना पानी-नाश्ते के घंटों इंतजार के चलते कई बच्चों को चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई, जबकि एक छात्रा को सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में ऑक्सीजन लगानी पड़ी। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसका वीडियो गुरुवार को सामने आया है।

6 किमी पैदल चलने के बाद एक घंटे तक मंत्री का इंतजार, पानी तक नहीं मिला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चितरंगी में आयोजित इस तिरंगा यात्रा में 8 स्कूलों के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। 11वीं के छात्र मनोज सिंह चौहान और गौरव सिंह ने बताया कि बच्चों को करीब 6 किलोमीटर पैदल चलाकर चितरंगी बाजार लाया गया था, जिसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह के स्वागत में करीब एक घंटे तक धूप और उमस में खड़ा रखा गया। इस दौरान बच्चों के लिए पीने के पानी या नाश्ते का कोई ठोस इंतजाम नहीं था। सुबह 9 बजे मंत्री के आगमन के बाद यात्रा रवाना हुई, लेकिन पैदल चलने और भूख-प्यास से ढाल बच्चे यात्रा शुरू होते ही गश्त खाकर गिरने लगे।

ऑटो से अस्पताल पहुंचाए गए छात्र, एक को देनी पड़ी ऑक्सीजन

विद्यार्थियों की हालत बिगड़ते देख शिक्षकों ने आनन-फानन में ऑटो रिक्शा के माध्यम से प्रभावित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी पहुंचाया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. हरिशंकर बस ने बताया कि कुल 12 बच्चे अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई है, हालांकि एक छात्रा की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और सांस लेने में दिक्कत होने के कारण उसे कुछ देर के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था।

मंत्री बोलीं— ‘धूप में पानी पीने से बिगड़ी तबीयत’, अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला

मामले पर विवाद बढ़ने के बाद मंत्री राधा सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि धूप बहुत तेज थी और बच्चे उत्साह में तेजी से चल रहे थे। रास्ते में पानी का इंतजाम था और धूप में तुरंत पानी पीने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी, किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कविता त्रिपाठी ने पूरी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यात्रा के नोडल अधिकारी स्थानीय एसडीएम मान सिंह थे और शिक्षा विभाग का काम केवल बच्चों को भेजना था। वहीं, मामले पर पक्ष जानने के लिए जब एसडीएम मान सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन बंद आता रहा।

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