एमपी। सरकारी टीर्चर बनने के इंतजार में बैठे अभ्यार्थियों के सब्र का बांध टूटता हुआ नजर आ रहा है और वे प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 मार्च को आंदोलन करने की तैयारी में है। वे चौथी बार अपनी मांगो को उठाने के लिए सड़क पर उतरने की योजना बना रहे है। जिससे सरकार उनकी मांगों को पूरा करे और टीर्चरों की भर्ती में तेजी लाने के साथ ही भर्ती पदों को बढ़ाए। जिससे बेरोगारी की मार झेल रहे युवाओं को नौकरी का मौका मिल सकें।
1 लाख से ज्यादा पद खाली
हाल ही में एमपी की विधानसभा से जो जानकारी सामने आ रही है उसके तहत मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1 लाख से ज्यादा पद खाली है, इसके बावजूद भर्ती में पद नहीं बढ़ाए जा रहे है। ऐसे में अभ्यार्थियों की बढ़ी तैयारी है।
विधानसभा में पेश आंकड़े
- कुल स्वीकृत शिक्षक पदः 2,89,005
- वर्तमान में कार्यरतः 1,74,419
- कुल रिक्त पदः 1,15,678
आंदोलन के बाद भी नही हुआ निराकरण
शिक्षक वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती के अभ्यर्थी तीन बार बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। नवंबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक हजारों की संख्या में अभ्यर्थी राजधानी पहुंचे, धरना दिया, रैली निकाली, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब अभ्यर्थियों निर्णयनायक लड़ाई लड़ने की तैयरी कर रहे है और अभ्यर्थियों ने 24 मार्च से फिर भोपाल में विशाल धरना-प्रदर्शन का ऐलान किये है।
खराब हो रही शिक्षा की गुणवत्ता
अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यापक पैमाने पर टीर्चरों की कंमी है। विषय विशेषज्ञ न होने के कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। जब इतनी संख्या में पद खाली हैं, तो भर्ती में पद बढ़ाने में देरी क्यों की जा रही है?
इस तरह की है मांगे
- वर्ग-2 भर्ती में कम से कम 10,000 पद किए जाएं
- हर विषय में पर्याप्त पदवृद्धि की जाए
- वर्ग-3 भर्ती में पद बढ़ाकर न्यूनतम 25,000 किए जाएं
- सेकंड काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू हो
- 3,200 विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग भर्ती निकाली जाए

