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1 Dec शेयर बाजार के लिए है बुलिश? एक्सपर्ट्स को क्यों हैं इतना विश्वास

Indian stock market building with rising market graph symbolizing opening trade session

Stock Market 1 December 2025: बेहतर GDP के ग्रोथ आंकड़े सोमवार 1 दिसंबर को भारत के शेयर बजार में तेजी आने का कारण बन सकते है. दूसरी तिमाही में भारत की GDP 8.2% की ग्रोथ से बढ़ा है जोकि अनुमान से बेहतर है. बाजार के अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है की GDP ग्रोथ के अच्छे नंबर्स के चलते सोमवार को बाजार की ओपनिंग शानदार रह सकती है.

मार्केट का हाल?

बाजार में मौजूदा तेजी के पीछे का मुख्य कारण बाजार के कुछ बड़े ट्रिगर्स को माना जा रहा है जिसमें पहला यह है कि दिसंबर महीने में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के द्वारा अमेरिकी ब्याज दर में कटौती की संभावना है. इसके अलावा वैश्विक मोर्चे पर शांत माहौल और रूस यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध विराम की बातचीत से क्रूड ऑयल की कीमत को लेकर के चल रही टेंशन पहले से कम हुई है. जिसने इन्वेस्टर्स का हौसला बढ़ाया है.

इस बीच SBI Capital Markets ने कहा है कि अर्थव्यवस्था में एक शार्प रिकवरी देखने को मिली है. इसके पीछे का मुख्य कारण प्राइवेट कंजप्शन में 7.9% की बढ़िया तेजी रही है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों के खर्चे में स्थिरता का अहम योगदान रहा है. दूसरी तरफ GST में हालिया कटौती के बाद से शहरी कंजप्शन में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है हालांकि यह बढ़ोतरी अभी धीरे है. दूसरी तिमाही में भारत की नॉमिनल जीडीपी 8.8 प्रतिशत से बढ़ी है.

एसबीआई कैपिटल मार्केटस आगे कहती है कि मजबूत रियल ग्रोथ, कैपिटल एक्सपेंडिचर ट्रेड की बेहतर स्थिति और बड़े लेवल पर डिमांड रिकवरी के चलते आने वाले नियर टर्म में शेयर बाजार को ऊपर जाने में बढ़िया सपोर्ट देगी.

दूसरी फर्म ने क्या बताया

जियोजित इन्वेस्टमेंट के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि GDP ग्रोथ के नंबर और मैन्युफैक्चरिंग के मजबूत पॉजिटिव आंकड़े सकारात्मक तौर पर आश्चर्यचकित करने वाले हैं ये आंकड़े शेयर बाजार के बुल्स इन्वेस्टर्स को बड़ा सहारा दे सकते हैं. विजय कुमार आगे कहते हैं कि एक्सपेंडिचर में 7.9% की बढ़ोतरी मजबूत कंजप्शन को दर्शाती है. जो मजबूत इन्वेस्टमेंट डिमांड को फिर से जिंदा कर सकती है. GDP Growth के लिए आंकड़े फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर की सेलिंग को रोकने की भी ताकत रखते हैं और उन्हें वापस से भारत के बाजार में निवेश के लिए उत्साहित भी कर सकते हैं.

विशेषज्ञ की राय

रिलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा कहते हैं कि नियर टर्म में मैक्रो डाटा आने की वजह से बाजार में उथल-पुथल बनी रह सकती है इन्वेस्टर्स को इस दौरान जरूरी सपोर्ट जोन के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति के साथ जाना चाहिए मिश्रा आगे कहते हैं कि फिलहाल बाजार में इस समय लार्जकैप सबसे अधिक सुरक्षित ऑप्शन बने हुए हैं ट्रेडर्स को अपने प्रॉफिट को बचाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप लॉस का यूज करना चाहिए.

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