रीवा। जिले में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। समान थाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर हथियार तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बाणसागर तलैया के पास घेराबंदी कर इनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहे बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 2 देसी कट्टे (12 बोर) और 2 देसी पिस्टल जब्त की गई हैं। दोनों आरोपी एक पीले रंग के झोले में इन घातक हथियारों को छिपाकर किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
इस पूरी कार्रवाई को नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक और समान थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि बाणसागर तलैया के पास दो संदिग्ध युवक हथियारों की एक खेप के साथ मौजूद हैं और वे उसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचकर इलाके की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देख भागने लगे आरोपी, जवानों ने दौड़ाकर दबोचा
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहाँ खड़े दोनों संदिग्ध युवक खाकी को देखकर घबरा गए और उन्होंने भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिस जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा किया और दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। जब पुलिस ने उनके पास मौजूद पीले झोले की तलाशी ली, तो उसके अंदर से चारों अवैध हथियार देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जब पुलिस ने उनसे इन हथियारों के लाइसेंस या वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपियों के पास कोई जवाब नहीं था।
किराए के मकान में रहकर चला रहे थे नेटवर्क
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय समीर खान निवासी बिछिया और 25 वर्षीय रितेश दुबे उर्फ लक्की निवासी मनगवां के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि ये दोनों वर्तमान में बिछिया इलाके में ही एक किराए का कमरा लेकर रह रहे थे और वहीं से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। समान थाना पुलिस ने दोनों ही आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(A) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
मुख्य सप्लायर और खरीदारों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि पकड़े गए आरोपी इतनी बड़ी संख्या में कट्टे और पिस्टल कहाँ से लेकर आए थे। पुलिस को अंदेशा है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड्स और उनके संपर्कों को खंगाल रही है ताकि इन हथियारों के मुख्य सप्लायर और इन्हें खरीदने वाले स्थानीय अपराधियों तक पहुँचा जा सके।

