GST action against bullion traders in Rewa: रीवा जिले में जीएसटी विभाग की टीम सराफा कारोबारियों पर सख्ती से नजर रख रही है। हाल ही में विभाग ने दो बड़ी कार्रवाइयों में करोड़ों की टैक्स चोरी के मामले पकड़े हैं, जिसमें कारोबारियों ने स्वेच्छा से बड़ी राशि सरेंडर की है। पहली कार्रवाई में रीवा शहर के फोर्ट रोड स्थित सराफा बाजार में जीएसटी टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। तीन दुकानों पर रेड डाली गई, जिसमें जांच के बाद कारोबारियों ने कुल 85 लाख रुपये जीएसटी विभाग के खाते में जमा कर दिए। यह कार्रवाई काफी चर्चा में रही और सराफा बाजार में हड़कंप मचा दिया।
इसके चंद दिनों बाद ही दूसरी बड़ी कार्रवाई चाकघाट क्षेत्र में हुई। शुक्रवार को जीएसटी की 12 सदस्यीय टीम ने एक सराफा दुकान पर दबिश दी, जो शनिवार रात करीब 10 बजे तक चली। मात्र 30 घंटे की इस तेज कार्रवाई में दुकानदार सत्येंद्र सोनी ने टीम के सामने नतमस्तक होकर 50 लाख रुपये सरेंडर कर दिए। यह हाल की कार्रवाइयों में सबसे कम समय वाली लेकिन राशि के लिहाज से सबसे बड़ी सरेंडर राशि मानी जा रही है। राशि जीएसटी खाते में जमा होने के बाद टीम वापस लौट आई, लेकिन जाते-जाते दुकानदार को एक महीने का नोटिस भी थमा दिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सराफा कारोबारी मुख्य रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे खरीद पर टैक्स चुकाते हैं, लेकिन बिक्री पर होने वाले प्रॉफिट और टर्नओवर में हेराफेरी कर सरकार का हिस्सा नहीं देते। इसी तरह की चोरी के कारण रीवा के प्रसिद्ध शंकर ज्वेलर्स भी पहले जीएसटी टीम के निशाने पर आ चुके हैं। जीएसटी टीम की इन सतत कार्रवाइयों से सराफा बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए ऐसी छापेमारी जारी रहेगी।

